STORYMIRROR

बैर हाथ मज़हब और लड़ते लड़ते मर रहे हैं किरदार हुए भी काश बदलते रहते हैं बोते अजनबी ही ज़िंदा डर सहते मरते छवि रहते सिखाता लड़ते से लड़ते लोग

Hindi से लड़ते रहते Poems